> समलिन्गी लड़के - Samlingi Ladke

समलिन्गी लड़के - Samlingi Ladke

Posted on Saturday, 6 October 2012 | No Comments


होमॉसेक्शुअल लडके

मेरा नाम हैं कैलाश, मैं आज आपको बताने जा रहा हूँ वो मैं ओर मेरे दोस अश्विन के साथ स्कूल मैं हुआ था| मैं गोरेऊन का रहनेवाला हूँ| जब मैं ग्यारवी कक्षा मैं यहकी एक स्कूल मैं नया था| तब मेने आश्विन के साथ दोस्ती हुई थी| थोड़े हे दीनो मे हम एक दूसरे से साथ काफ़ी समय बिताने लगे| वो मुझसे एक साल बड़ा था, फिर भी हम हिलमिल गाये थे| हम एक साथ फ़िल्म देखने जाते थे, कभी कभी एक दूसरे के घर जा कर स्कूल का काम करते| आश्विन मुजस्े एक साल बढ़ा था, फिर भी उसका शरीर तेहरा साल का बच्चा जैसा था, ठोडा सावला भी| एक दिन वो मुजे स्कूल के बाद साईबार कफ़े मैं ले गया था, उसको एक परदेस मैं रेहने वाला भाई के साथ इंटेरनेट से बाते करनी थी| थोड़ी देर बाते करके उसने मुजे ये इंडियन सेक्श कहानी बताई| उसने कहा की यह सब कहानियाँ सच हैं| फ़ीर हम दोनो ने होमॉसेक्शुअल कहानियाँ पढ़नी सुरू की| मेरे ख़याल से वोह अपनी पेंट मे ही झर गया| दूसरे दिन स्कूल के बाद मैं उसके घर गया स्कूल का काम बहुत था, और उसके पास पिछले साल की नोट्स भी थी| उसी बहाने मैं उसके घर गया था| जब मैं उसके कमरे मे पहुँचा तो वोह अपने लंड को सहलारहा था| मेरी आवाज़ से वोह तुरंत ही कपड़े चडालिए| थोड़ी देर बाद उसने मुजस्े पूछा की मैंने कभी किसिका लंड देखा हैं की नही, मैंने तुरन्त ही ना कही|

बाद मे उसने कहा की वोह मुजे पिछले साल की नोट्स देगा जब मैं उसका लंड मुँह मे लूं| मुजे सिर्फ़ नोट्स ही लेनी थी| मैने अपनी मजबूरी बताई| कुछ देर बाद उसने मेरा हाट ले कर उसके लंड पैर रखा ओर बोला की डरने की ज़रूरत नही है| उसका लंड पेहले से ही बड़ा हो चुका था| फिर उसने कपड़े उतारे पूरा नंगा हो गया और मेरे सामने खड़हो गया| उसने फिर से मेरे हाथ पकड़ा ओर उसके लंड को मेरे हाथ मे दिया| उसने मेरा चेहरा पीछे से पकड़ कर लंड के पास दबाने लगा| जब मेने उसका लंड मुन मे लिया, इतनी घ्हिन आई की क्या करे| आश्विन मे अपना लंड मेरे मुँह मे अंदर बाहर करने लगा| तभी ही उसने मेरे हाथो को उसकी गांड पे लगा दिए, मेने हटा लिए फिर उसने मेरे बालो को खींच के अपना लंड ज़ोर ज़ोर से अंदर बाहर करने लगा| और थोड़ी देर मे वोह मेरे मुँह मे झर गया|

मैं बाथरूम मे गया अपना मुह साफ़ किया| जब मैं बाहर आया उसने कहाकी अगर मैं अपनी गांड मराउ तो वोह मुजे पूरी नोट्स देगा| ग्भराहट के मारे मैने हाँ करदी और मुजे कपड़े उतारने को कहा, मैने वैसा ही किया| उसने अपने लंड पैर तेल लगाया ओर मेरे शरीर पैर सहलाने लगा| जुब वोह मेरी गान के पास आया तब उसने मेरे लंड को पकड़ कर खिचने लगा| बहुत दर्द हुआ| फिर उसने मेरी गांड पे भी तेल लगाया| तेल की वजह से लंड आसानी से घुस गया फिर भी दर्द हो रहा था, क्यूँकी पहली बार ही मेने अपनी गांड मरवाई| पीछे से वोह मेरा लंड सेहला रहा था| थोड़ी देर बाद मुजे भी मज़ा आने रहा था| फिर उसने खड़े हो कर मेरे मुँह के पास आया और मेरे मुँह मे लंड डाल दिया| जब मैं उसला लंड चुस रहा था, तब मुजे पता चला की उसका लंड मेरी गांड मे गया था| बहुत ही घ्हिन आई पैर तोड़ा मज़ा भी आ रहा था| उसने मुजे लेट जाने को कहा, ओर मेरे उपर चढ़ गया, और मेरे लंड को अपने मुह मे लेने लगा ओर उसने अपना लंड मेरी ओर किया| वोह कहते है ना 69 स्टायील| अब तो मुजे बहुत ही मज़ा आ रहा था| पहल बार कोई मेरा लंड किसी ओर के मुँह मे था|थोड़ी ही देर मैं भी उसके मुँह मे झर गया|

फिर उसने कहा की उसको बहुत ही मज़ा आया| उसने मुजे अपनी नोट्स दी और मेने चल दी| कुछ दीनो बाद उसके घर मे उसने पार्टी रखी थी| मुजे भी बुलाया था| पार्टी के बाद उसने मुजे अकेले मे कहा की अगर मुजे सारी की सारी नोट्स चाहिए तो मुजे उससे एक महीने तक गांड मरवानी होगी, मुजे ये भी कहा था की लंड चूसने और गांड मरवाने का मुजे बहुत ही मज़ा आया था| उसकी बातों मे आ कर मैने फिर से हाँ करदी| वैसे भी गांड मरवने से जो मज़ा आया था वोह एक महीने तक अब आएगा, ओर तो ओर मुजे पूरे साल की नोट्स भी मिल जाएगी| फिर तो मैं उसके साथ ही पूरा समय बिताने लगा| स्कूल के बाद हम दोनो ओर गुमने लगे, हैर हफ़्ते हम ब्लू फ़िल्म भी देखने लगे| हैर रोज़ हम एक दूसरे की गांड मार रहे थे| अब तो मैं ख़ुद उसको सेक्श केलिए कह रहा था| एसा लगा था की मुजे उससे प्यार हो गया था| अगर आपको मेरी कहानी पसंद आए तो ज़रूर ई- मैल कीजिएगा-- drim-shock@yahoo.ca

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