> परेशान कामवाली - Pareshan Kamwali

परेशान कामवाली - Pareshan Kamwali

Posted on Thursday, 4 October 2012 | No Comments

Hi , to all ISS readers, this is vicky , 32 from Pune.I am a regular reader of AV. This is for the first time I narrate my experience. Now to the story. मेरा लुनद है 7 इनच का , ओर असतिवे है लसत 22 सल से, आप इस पेर विशवस नहि करेनगे। मैं अभि आप को मेरा बहुत फ़रेश एक्सपेरिएनसे लिख रहा हु ।ये बत है 21/8/2005 कि। ये कहनि है मैद को सेदुसे कर के उसे मेरि कीप बनने कि। मेरे घर पेर मैद है । उमर है बिस कि। नम है वैशलि । वो लगति है जैसे इतेम सोनग गिरल। मुझे पता था वो विरगिन (कुनवरि) है। सलि बहुत जवन है। उसके गाल पेर का कला तिल मुझे पेरेशन करता था। पिछले दो महिनो से मैं उस पेर जाल बिछा रहा था।मेरे बेदरूम कि सफ़ै वो करति है । मेरि बिबि 9।00 बजे ओफ़्फ़िसे जति है। मेरि पेहलि चल थि के मैं सुबह बथरूम मे मूथ मर मेरि फ़रेनचि गिलि करता और उसपर थोदा और थुकता । वो फ़रेनचि मैं दरवजे के पिछे लतका देता । कपदे धोने के लिये वैशलि उसे हाथ मे लेति थि। मेरि चद्दि को थिक से देखति भि थि। मैं सहि जा रहा था ।

फिर एक दिन मैने मेरे निघत पनत का निचे का बुतन तोदा। उस दिन मैं 9।45 तक सोता रहा। फिर मैने मेरा लुनद गोतियोन के साथ पजमेसे बहर निकला।और मैं पेत के बल सोने का नतक किया। मेरि गोतियन मेरे पैरोके बीच से दिख रहि थि । वैशलि 9।15 को मेरे बेदरूम मे आयि , उसकि नजर मुझ पर पदि और वो गोतिया देखति रहि । मुझे ये सब वरदरोबे के अनदर के मिर्रोर मैं दिख रहा था। उसने दो मिनुते तक देखा फिर वो और नजदिक आयि और उसने और गौरसे देखा। उसने इधर उधर का अनदज लेकर अपने लेफ़त मम्मे को दबया। फिर उसने रिघत हनद आगे बधया और गोतियोको छूना चहा पेर फिरसे हथ हता लिया । वो निचे चलि गयि । मैं उथा बथरूम मैं जकर मेरा रोजका कम किया।आज मैं बहुत खूश था। उसकि आग और भदकने कि सोचा । बरुश करने के बाद निचे जकर उस्से चै पि और उसे गरम पनि बथरूम मे देने को कहा। वो नजरे नहि मिला रहि थि । मैं बथरूम मे गया। शविनग कि। एकदुम से मुझे नया इदेअ कलिक किअ। मैने मेरे उनदेररम पेर शविनग सरèमे लगया और उसकि रह देखता रहा। मैने सिरफ़ मेरे कमर पेर तोवेल लपेता था। जैसे वो आने कि आहत सुनै दि। मैने मेरा हाथ उथया और शविनग शुरु किअ । उसने बलति रखते हुइ कहा “सिर, पनि” और वो शरमकर भग गयि। मैने उसके बाद शरमने का नतक किअ।

ये सब मुझे अस्सह्हा लग रहा था। फिर 4 दिन मैने सेदुसे नहि किअ। वैशलि मे चनगेस आ रहे थे। वो अब सज के आने लगि थि। ये चिदिअ फस रहि थि। मुझे मलुम था आगे कया करना है। मेरे पास क्सक्सक्स पिसतुरे बूकस और सद है। उसमे से दो बहुत गनदि बूकस मैने मेरे इसत्रि के शिरतस के निचे रख दि। ऐसा लग रहा था जैसे चुपयि हो। मैने बदे धयन से रखा और पगेस को खोल के रखा। मैं मेरे ओफ़्फ़िसे के लिये चला गया। उस दिन मैं 4।00 बजे लौता । बेल्ल दबने पेर दरवजा खोलने मे देर लगि । मैं एक्ससिते हो रहा था । दरवजा खुलते हि मैने वैशलि को नोतिसे किअ। गरम औरत एकदुम थनदि होने पेर जैसि दिखति है वैसे वो दिख रहि थि। मैने पुछा “ सो रहि थि कया?” उसने कहा “ हा “। मैं बेदरूम मे गया , बूकस देखे । बूकस को गदबदि मैं रखा गया था। मैने सतैरससे के कोने से निचे देखा तो वो बेदरूम का अनदजा ले रहि थि। मैं वपस चला गया और 5 बजे लौता। अब बूकस थिक से रखे थे । वैशलि अब सोमफ़ोरतबले दिख रहि थि। अब मैं रोज वहा पेर बूकस रखने लगा और उसे तदपने लगा। इसका मुझे आगे जकर फयदा हुअ कयोनकि बूकस मैं सुब तरह कि तसविरे थि जैसे दो लेसबिअन, गनद कि चुदै, लुनद चतना और सुब कुछ। अब मैं दोपहर को घरपर कम करने लगा।

वैशलि तदप उथि। उसकि फ़रुसत्रतिओन मेहसूस हो रहि थि। वो अब बूकस नहि देख पा रहि थि। मैं मेरे पस पेर अब दोपहर मे क्सक्सक्स सद देखता था । और मूथ मरता था। वैशलि ये सब चुपके से देखे ऐसा बनदोबसत मैने किअ । मुझे यकिन था वैशलि इसमे भि फसेगि। लेकिन इसके लिये मुझे 12 दिन वैत करना पदा। उस दिन मैने मेहसूस किअ के वैशलि दरवजे कि चिर मे से झाक रहि थि। उस दिन मैं गनद मरने वलि बफ़ देख रहा था। वैशलि ने मेरा फ़वरा उदते हुए देखा। मैने मेरा सुम मेरे छति पेर मल दिया। और पुरपोसेली थोदा चतने का नतक किया। पस बनद किअ, कपदे थिक किये और ओफ़्फ़िसे के लिये चल पदा। निचे आते हि मैने नोतिसे किया कि वो मेरे लुनद के जगह को चोरिसे देखि थि। अब एक दिन बाद इस सब मेहनत का मीथा फल चखने का मैने फैसला किअ कयोनकि मेरि बिबि मुमबै जा रहि थि मौसि के पास पूजा के लिये। मैने बिबि को पुने सततिओन पेर सुबह 6 बजे बुस मे बिथा दिया। घर आ कर वैशलि के मिथे खवबमे सो गया । 8 बजे उथा। वैशलि आज 8।15 को आयि। मैं बरुश करके उस से चै पिअ। आखरि बर सेदुसे करके उसपेर चधने के लिये बेतब था। मैने मेरा त्रिम्मेर चलु करके मेरे झत कत दिये और तोइलेत पेर गिरा दिये। फिर बथरूम मे आकर नहया। निचे आकर वैशलि से नशता लिया। उसको कहा “मैं आज ओफ़्फ़िसे नहि जऊनगा , उपर सोमपुतेर पेर काम करुनगा।” उपर आतेहि मैने दरवजेके सतोप्पेर को और मेरे पस चैर को धगा बानध दिअ तकि जब मैं चैर हिलौ तो दरवजा खुले। 11 बजे मैने सोमपुतेर ओन किअ । दो बर दरवजा खुलने का चेसक किअ। 11।30 के करिब वैस्सहलि उपर आयि। तोइलेत मे गयि। 5 मिनुते बाद उसने फ़लुश किअ। उसने मेरे झत जरूर देखे।

मेरे अनदज से वो वहि गरम होनेवलि थि। बलुए फ़िलम चलु थि , मैं मूथ भि मार रहा था पूरा ननगा होकर। मेरा पूरा धयन दरवजे पर था। 10 मिनुते बाद पस के ससरीन पर जो दरवजे कि ज़िर्रि कि शदोव थि उसमे कुच हुलचुल दिखि। मैने और 5 मिनुते वैत किअ , सोनफ़िरम हुअ के वैशलि सुब देख रहि है। मैने अब मेरि सोमपुतेर चैर जोर से रिघत कि तरफ़ सरकै और दरवजा आधा खुल गया। वहा मेरि सेक्स गोद्देस्स पुरे जवनि मे खदि थि । उसका लेफ़त हनद रिघत बूब को दबा रहा था और रिघत हनद सलवर पर से छुत को सहला रहा था। मैं उसके समने ननगा खदा था । 2 सेसोनद ऊसे कुच समझ मे नहि आया। तब तक मैं आधि दूरि तय कर छूका था। भगने के लिये जैसे हि वो पलति , मैने ऊसे पिछे से दबोच लिया। ऊसके दोनो मम्मय मेरे हाथ मे थे । ऊसकि पिथ मेरे छति पेर थि और मेरा लुनद ऊसके गनद कि चिर पेर। मैने तुरनत ऊसके मम्मय सहलना चलु किअ। नेसक और एअर लोबेस को चतना सुरु किअ और कुत्ते कि तरह गनद पेर धक्के लगना सुरु किअ। वो कुच बोलने से पहले ऊसका 1 मम्मा और कमर पकदकर ऊसे बेद पेर लकर पतक दिया। ऊसका एक हाथ मेरे निचे फसया ,दूसेरे हाथ से ऊसका दूसरा हाथ पकदा और ऊसको लिप किस्सिनग चलु किअ। एक हथ से ऊसकि चुत कपदे के ऊपेर से सहला रहा था।

तिन-चर मिनुते के किस्सिनग के बाद ऊसने पोसितिवे रेसपोनसे देते हुए मेरे जीभ से जीभ भिददि और अपने मेरे निचे फसे हाथ से मेरि पिथ सहलना सुरु किअ।अब मैने ऊसका हाथ छोद दिया और ऊसके मम्मय मेरे छति के निचे दबये। और ऊसके थीक उपर आ गया। मेरा तना हुअ लुनद ऊसके चुत पर था। मैं ऊसे चूम रहा था। ऊसने कहा “दो मिनुते रूको न” मैने पूछा किस लिये? ऊसने कहा “पलेअसे” मैं रूक गया। उस पेर से हत गया। वो मुझे निहरने लगि। मेरे सलेअन छति पेर हथ फेरते बोलि “बहोत खयल रखते हो इसका “ मने कहा “अब तु दिखा तु कितना खयल रखति है तेरा, उतर दे कपदे “ उसने कहा “मैं नहि” मैने कहा “ मैं उतर दूनगा तो कपदे तो फतेनगे , उतर दे” वो दर गयि और कपदे उतरने लगि, बरस्सिएर थि नहि । ननगि होने के बाद मैने इशरे से मेरे बगल मे बुलया। दोनो मम्मय दोनो हाथ से चुपने कि नकम कोशिश करते वो मेरे पस आ गयि। मैने ऊसे अपने बहो मे भर लिया , सहलया। फिर ऊसके मम्मय चूसने लगा तो ऊसने मेरा मूह अपने बूब पेर दबोच लिया। मैं ऊसके निप्पलेस पेर मेरि जीभ फिरा रहा था।

वो गरम हो रहि थि। ऊसके बगल (उनदेररम) पेर झत के दो कले गुचे थे। मैने वहा चता। वो बोलि “मेरि बगल कब साफ़ करोगे” मैने जवब नहि दिअ। अब मैने उसके चुत पेर ऊनगलिया घूमयी। उसने मुझे और जोर से अपने बूब पेर जकद लिया। चुत पेर बल बहुत थे। उसके झत और पूरि चुत गिलि हो चूकि थि । एक ऊनगली चुत मे अनदर दल दि तो चतपता ऊथि । मेरा हथ पेरो मे जकदा और ऊनगली चुत मे और मूह मम्मय पे। वैशलि झद रहि थि। कुच देर बाद वो रेलक्स हुइ। मैने उसके तरफ़ देखा तो ऊसकि आखे बनद थि।

मैने ऊसे जगया । ऊसे कहा “खूश कया?” ऊसने हा कहा। मैने कहा “मुझे खूश करना अभि बकि है” ऊसने पूचा “कया करना होग”मैने कहा “चत इसे” उसने मेरि बत रखने के लिये मेरे लुनद को मूह मे लिया । वो लुनद का तोप चत रहि थि। मैने कहा “पूरा चूस” ऊसने पूरा चता , फिर मैने कहा “गोतिया चत” ऊसने मेरि गोतियोन पेर जिभ फिरयि।। उसके बाद वो मेरे निचे लेत गयि। मैं ऊसके पैरो के बिच आ गया । और मेरा लुनद उसके दने पेर रगदने लगा । 5 मिन। रगदनेके बाद मैने लुनद का सुपदा चुत पेर रखा। ऊसने कहा “पेहलि बर है” मैने कहा “तब तो खून निकलना चहिये” फिर मैने पूछा “कब नहयि” ऊसे समझा और बोलि “दरो मत बस लग जओ”मैने किस्स करना चहा तो बोलि अब ये चूम्मचति बुस ,जो करना है निचे करो” मैने विथौत अलरम उसके चूत मे पेहला शोत लगया । वोह जोर से चिल्लयि “माआआआआ………” ऊसकि अवज का विबरतिओन ऊसके गले पेर मैने सेनसे किया। मेरे शोत पे लदकि चिखे ये मुझे पसनद है। पेहलि चिख के बाद मैने ऊसके लिपस मेरे लिपस से लोसक किये । औरा ब विथौत अनी मेरसी मैं उसे चोदना चलु किअ।उसकि अवज मेरे मूह मे दब गयि। 5 मिनुते कि चुदै के बाद वो कुच समभल गयि। और 20 मिनुते कि चुदै करके मैने मेरे बीज ऊसकि चुत मे छोदे ।वो इस दौरन 3 बर झद चूकि थि। जब उस मे से बहर आया तो देखा चदर, मेरा लुनद , ऊसकि चुत और गनद पूरि खूनसे लल थि ।मेरे निचे वैशलि खूश नजर आ रहि थि।

मैं मेरि लिफ़े मे आज तक 7 लदकियोको चोद चुक्का हु। I put all my earlier experience to fuck this girl. She promise me lifetime relation & first baby from my seeds only, though she marry to anybody in her life.all my mates tell me I am the most sensuous lover. So, friends this is it. You may reply me at canoncock@rediffmail.com.

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