> बुआ और ताउजी - bua aur tauji

बुआ और ताउजी - bua aur tauji

Posted on Wednesday, 3 October 2012 | No Comments

hi to Antarvasna readers आज मैं जो कहनि सुनने जा रहा हु वो कोइ कहनि नहि बलकि एक सछै है। मैं आज अपको अपनि बुअ कि कहनि जो कि मेरे तौ के सथ हुइ थि को अपके समने रखने से पहले अपने बुअ और तौजि का इनत्रोदुसतिओन करा दु। मेरे बुअ एक सुनदर और नोरमल हिघत कि लदी है। उनकि उमर 28 साल कि है। मेरे तौजि जिनकि उमर चौहतर साल कि है एक गोरे, लमबे और हेअलथी इनसान है। वो मेरे बुअ के फ़ुफ़ेरे भै है।
अब मैं अपको उस कहनि के हरफ़ ले चलता हु। ये कहनि आज से तिन दिन पहले कि मेरे गव कि है। मैं अपने घर गया हुअ था। मैं जब घर पहुनचा तो मैने घर पेर अपने बुअ और अपने औनती को पया। थोदे देर के बाद तौजि भि पहुच गये। जो गव मे गये हुए थे। दोपहर के समय जब तौजि को खना खिलया उस समय तौजि उपर चत पर एक रूम मे थे। उनके साथ बुअ भि थि। तौजि ने खना खिलने के बाद तौजि ने मुझसे पनि लने के लिये बोला। मैने बोला कि मुझे आने मे थोदा समय लगेगा। मेरे ऐसा कहने पर तौजि ने बोला कि कोइ बत नहि। मैं जैसे हि सिधि से उतरा तो उपर के दरवाजा को बनद होने कि आवज सुनि। मुझे कुछ सक हुअ। मैने सोचा कि देखु कि ये कया करते है। जब मैं उपर गया और जब मैने खिदकि से अनदर देखा तो पया कि बुअ बेद पर लेति हुइ थि। तौजि ने उनका कपदा उथा कर कमर के उपर तक उथा दिया। कपदा को कमर से उपर उथने के बाद तौजि ने वहि अलमिरे पर पदे दिबे से तेल निकला और बुअ के थै पर बैथ गये। उस समय बुअ का चुद मैं साफ़ देख रहा था।
तौजि ने बुअ के जनघ पर बैथने के बाद बुअ के चुद पर जैसे हि हनथ रखा तो बुअ ने अनख बनद कर लिया। तौजि ने बोला कि बहुत दिन के बाद आज तुमहरा चुद को चोदने का मौका मिला है। तौजि के ऐसा कहने पर बुअ का जबाब था। मुझे भि अपके इस दनदे कि बहुत दिन से इनतजर था। अछा हुअ कि ये मौका आज मिल गया। इतना सुन कर तौजि ने बुअ के चुद को फैलया और कुछ देर तक देखने के बाद उसमे तेल लगे हुये हानथ को उनके चुद मे मल दिया। अब तौजि ने अपने लुनद को जब लुनगि से बाहर निकला तो मैं देख कर ये सोचने के लिये मजबुर हो गया कि ये मोता और लमबा लुनद जो कि लगभग 8"लमबा और 2"चौदा था बुअ कि चुद मे जो कि 5"लुमबा था मे कैसे जयेगा। जैसे हि तौजि ने अपने लुनद मे तेल लगने के बाद उसे बुअ के चुद पर सतया बुअ ने अपने हनथ से चुद को फैलते हुए तौजि के लुनद को रसता दिखया। तौजि ने लुनद के अगले हिनसे को अनदर दलते हुए जैसे हि अपने कमर को एक झतका दिया तो बौ के मुह से ईईईईईईईईईइस्सस्सस्सस्सस्सस्सस्सस्सस्सस्सस्सस्सस्सस्सस्सस्सस्सस कि अवज निकल गयि। तौजि ने पुछा कि गया है।
बुअ बोलि हा चला गया है। तौजे अब बुअ के उपर लेत गये और अपने कमर को हिलने लगे। तौजि के कमर के हर एक झतके के सथ बुअ के मुह से आआआआआआअह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह आआआआआआआआआआह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह ईईईइस्सस्सस्सस्सस्सस्सस्सस्सस्सस उनाआआआआआआआआआ कि अवज नकल रहि थि। तौजि अपने कमर को हिलने के साथ हि बौ के बलौसे के बतन को खओल कर उनके दोनो गोरे गोरे चुचिओ को उनके बलौसे से अज़द कर दिया। अब उनहोने दिबे से तेल निकाल कर तेल लगने के बाद जैसे हि बुअ के दोनो तने हुए चुचिओ को दोनो हथेलियो मे लेकर मसलना सुरु किया तो बुअ ने अपने पैर को फ़ैला दिया। अब तौजि बौ के दोनो पैरो के बिच मे आ चुके थे। बुअ ने तौजि से थोदा सपीद सलोव करने के लिये बोला। तौजि ने बोला कि कया हुअ। दरद कर रहा है।
बुअ ने बोला कि हा। तुजि ने बोला थोदा सा समय लगेगा फ़िर सब थिक हो जयेगा। तौजि बुअ के चुचि पर से अपने हनथो को हतने के बाद बुअ के कमर को पकद कर एक जोर का झतका मरा। बुअ आआआआआआआआआआआआआअह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्ह नाआआआआआहीईईईईईईईईईईईईईईइ औऊऊऊऊचाआआआआआआआआआअ कर के चिला उथि। तौजि ने दोनो हनथो से बुअ के चुचिओ को फिर से मसलना सुरु कर दिया। अपने कमर को हिलते हुए बुअ के चुद मे अपने लुनद को अनदर और अनदर ले जने के लिये अपने कमर को जोर जोर से झतके मारने लगे। बुअ ने पुछा कि और कितना बहर है। तौजि ने बोला कि थोदा सा और रह गया है। दल दु कया। बुअ ने अपने पैर को फ़ैलते हुए बोला कि हा दल दिजिये।
तौजि ने बोला कया अब मजा आ रहा है। बुअ बोलि हा अब मजा आ रहा है। दल दिजिये पुरा। तौजि ने एक जोर का झतका मरा और बुअ के मुह से आआआआऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊ माआआआआआआउऊऊऊओह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह कि अवज निकल उथि। अब तौजि ने बुअ के होथ पर अपना होथ रख कर चुसना सुरु कर दिया। बुअ भि उनका भरपुर साथ दे रहि थि। तौ जि ने अपने कमर के सपीद को बधा दिया। बुअ भि अब अपने कमर को उथा उथा कर तौजि का साथ देने लगि। इस तरह ये सिलसिला लगभग अधे घनते तक चलि। अब तौजि और बुअ धिरे धिरे सानत पदने लगे। तब मैं समझ गया कि तौजि वस सुम्मिनग। थोदे देर तक तौजि बुअ के उपर लेते रहे। दस मिनुत तक लेते रहने के बाद तौजि बुअ के उपर से हत गये। और बुअ वैसे हि लेति रहि। तौजि बोले अब जकर मन मे सानति मिलि है। बुअ सुन के मुसकुरने लगि। तौजि ने बुअ के चुचो को दबते हुए उनको बुअ के बलौज के अनदर दल दिया। और बलौसे के हुक को बनद कर दिया। इसके बाद बुअ के कपदे को उनके चुद को धकते हुए उसे बिलकुल हि धक दिया।
तब बुअ बोलि कि जरा सा अपने लुनद को फिर से निकलिये देखु कितना बदा और मोता है। तौजि ने जब निका ला तो मैने देखा कि उनका लुनद फिर से तैयर हो चुका था। इस बार वो और भि भयनक लग रहा था। तौजि ने पुछा फिर से लोगि कया अपने अनदर। बुअ ने मुसकुरते हुए बोला नहि अब अभि नहि रात मे थिक है। तौजि बोले थिक है। अब मुझे जब लगा कि अब मैं अनदर जा सकता हु तो मैने दरवजे पर से अवज दिया। तौजि उथकर आकर दरवजा खोला। बुअ अब भि लेति हुइ थि। थोदे देर के बाद बुअ उथ कर निचे चलि गयि।

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