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बहन की चूत - Bahan Ki Choot

Posted on Thursday, 4 October 2012 | No Comments


बेहन की चूत

मेरा नाम हेर्री हैन मेरि दो बेहेने हैन एक कि शदि हो चुकि हैन ओर अभि कनवरि हैन।

ये बात 1 महिने पुरनि हैन मे ओर मेरि बेहेन घर पे अकेले थे। ओर मे सो रहा था तो मुझे मेरि बेहेन कि अवज सुनै दि वो बथरूम मे नहा रहि थि मेरा लुनद वैसे हि तना हुअ था मेने सोचा आज अपना काम हो जयेगा ओर एक चूत चोदने के लिया मिल जयेगि मुम्मी भि घर पे नहि हैन।

मैने बथरूम के दूर पे अनखैन लगा के अनदेर देखा तो मुझे जयोति कि चूत कि झलक मिल गयि मेरा लुनद ओर तन्न कया अब मेरा मन चूत चोदने का होने लगा वो अपना सरिर पुनछ रहि थि तो मे अनदेर आ गया ओर सोने का नतक करने लगा जयोति को लगा कि मे सो गया इसलिये वो तोवेल लपेत के कमरे मे आ गयि उसने निचे बरा ओर पेनती पेहेन रथि थि कमरे कि लिघत भि बनद थि तो उसे भि कोइ दर नहि था लेकिन मा उसे देख रहा था उसे पेहले लिघत ओन कि ओर देखा कि मे सो रहा हो या नहि लेकिन मे तो सोने का नतक कर हो इसका उसे यकिन नहि हुअ ओर उसने अपने सरिर से तोवेल अलग कर दिया मे तो देखता रहा गया मिलक जैसे सरिर था उसका।

वो अपने सरिर पे सरेअम लगा रहि थि मे धिरे से उथा ओर उसके पिछे जके खरा हो गया वो अपने सरिर पे सरेअम लगा रहि मेरा लुनद अब सिरफ़ चूत चहत था अब वो जो भि मुझे तो चूत चहिये थे तो मेने धिरे अपने लुनद अपनि शोरत से निकला ओर उसकि गानद पे दबने लगा वो मुरने कि कोसिस करने लगि तो मेने उसे पकर लिया ओर वैसे कि खरे रेहने के लिये कहा वो बोलि भैया नहि ये पाप हे तो मैने कहा किसि पता नहि चलेगा तो सिरफ़ चुप हो जा।

मे उसे उथा के अपने बेद पे ले अया ओर उसको ओर अपने आप को एक चदर से धक लिया तब मेने पेहले अपने कपरे उतर फिर उसकि पेनती ओर बरा उतरि जयोति मेरे सथ मेरे बेद पे ननगि लेति थि मे उसे फ़रेनच किस्स कर रहा था वो मेरा लुनद सेहला रहि थि मेरा परेसुम आ रहा था मेने उस्से कहा जयोति देख तो कनवरि हैन ओर तेरि चूत तिघत हैन मेरा लुनद मोता हैन दरद होगा तो सेहलेना ओर खून भि निकले गा थिक हैन तो उसे हा मे सिर हिला दिया तब मेने अपने परेसुम उसकि चूत पे लगया ओर लुनद को उसकि चूत मे दलने लगा उसकि चूत बहुत तिघत थि उसे दरद भि हो रहा था लेकिन वो भि अपना सहयोग दे रहि थि बोलि भैया सरेअम लगा लो या फ़रेअज़े मे देसि घि रखा ले आओ मेने देसि घि निकला ओर थोरा अपने लुनद पे ओर थोरा उसकि चूत पे लगया ओर धिरे-धिरे लुनद उसकि चूत मे घुसने लगा लुनद का सुपरा अनदेर गया तो ऐसा लगा जैसे जन्नत मे पहुत गया लेकिन जयोति को बहुत दरद हो रहा था ओर उसके अनसू निकल रहे थे तो मेने उसके बूबस दबने ओर चोसने सुरु का दिया उसे थोरा - थोरा मज़ा अने लगा 10 मिनुत बद जयोति बोलि भैया अभि अपका अधा लुनद तो बहर हैन अपको मज़ा अ रहा मेने कहा नहि जयोति तुझे दरद हो रहा हैन ना तो जयोति बोलि भैया मुझे तो ये दरद होगा हि पुरा दलने पे भि उतना हि दरद होगा जो अभि हो रहा हैन तो बोलि भैया आप भि बुस चूत मरनि हैन तो पुरा घुसा के मरो बुस मेरा मुह किसि चिज़े से दबा देना तकि मेरि चिख ना निकले थिक हैन तो मैने उसके होतो पे अपने होत रखे ओर एक हि झतके मे अपने अपना पुरा लुनद जयोति कि चूत मे घुस्सा दिया उसकि चिख मेरे मुह पे दब के रह गयि ओर उसकि चूत कि झिल्लि फत गयि ओर खून बेहने लगा थोरि देर हुम उसि मुदरा मे परे रहे फिर धिरे-धिरे मे अपने लुनद अगे पिचे करने लगा हुमे 20 मिनुत हो चुके थे ओर मुनजिल भि दुर थि।

मे जयोति के उपेर आ गया ओर चुदै सुरु कि पेहले ज़ोर लगना पर रहा था लेकिन धिरे-धिरे सपीद बधै ओर चुदै का मज़ा सुरु हो गया सुबह के 6 बज रहे ओर हुम भै-बेहेन किसि मिया-बिवि कि तरह चुदै मे लगे हुअ थे जयोति को भि बरा मज़ा आ रहा था कमरे के उनदेर जयोति अवज ओर हमरि चुदै कि अवज गुनज रहि थि मे जन्नत मे था बरा मज़ा आ रहा था जयोति कि चूत मरने मे। हुमे अब तक 30 मिनुत हो चुके थे तभि जयोति बोलि भैया मेरि चूत से कुछ निकनेवला हैन। जयोति कि चूत से उसका पनि बोनद-बोनद करके गिरने लगा मेरा लुनद अभि भि उसकि चूत मे घुस्सा हुअ था ओर वो एकदुम सनत हो चुकि तभि मुझे भि लगा कि मेरा लुनद भि झरना वला हैन तो मेने अपनि सपीद दधा दि ओर ज़ोर-ज़ोर से शोत लगने लगा ओर लुनद ने ज़ोरदर पिचकरि छोरि ओर मेरा विरी मेरि बेहेन कि चूत मे गिरने लगा जयोति से चिपक गया जयोति भि एकदुम तिघत होके मुझसे चिपक गयि।

हुम दोनो भै-बेहेन उसि तरह 30 मिनुत तक सोते रहे मेरा लुनद अभि भि उसकि चूत मे था ओर फिर से चुदै करने के तिययर हो रहा था ओर जयोति भि चुदने के लिया तिययर थि ओर हुमने एक ओर बार चुदै कि।

तब से अब तक मेने जयोति को 10 बार चुदा हैन ओर वो गरभनिरोधक मेदिसिने का इसतेमल करति हैन कयोकि मुझे बिना सोनदुम के चोदना पसनद हैन। बकि फिर कभि
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